देवनागरी
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रेगिस्तान

धड़कन बुधवार, ०१ सप्टेंबर २०१०, ०९:४० (+०५:३०)

जेडी kaleidoscope जेडी ची वाडी

एक कश्ती सागर में अकेली चलती है
जैसे झील के उस पार हवा चलती है
जैसे मन में एक कल्पना बसती है
उसी तरह तुम्हारी धड़कन मेरे दिल में धडकती है
जैसे एक चिंगारी बारूद में जलती है
जैसे एक लौ अँधेरे में उजलती है
जैसे एक निगाह लाखों में उभरती है
उसी तरह तुम्हारी धड़कन मेरे दिल में धडकती है
एक सांस से ...

धड़कन बुधवार, ०१ सप्टेंबर २०१०, ०९:४० (+०५:३०)

जेडी kaleidoscope जेडी ची वाडी

एक कश्ती सागर में अकेली चलती है
जैसे झील के उस पार हवा चलती है
जैसे मन में एक कल्पना बसती है
उसी तरह तुम्हारी धड़कन मेरे दिल में धडकती है
जैसे एक चिंगारी बारूद में जलती है
जैसे एक लौ अँधेरे में उजलती है
जैसे एक निगाह लाखों में उभरती है
उसी तरह तुम्हारी धड़कन मेरे दिल में धडकती है
एक सांस से ...