देवनागरी
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जिन्दगी

धड़कन बुधवार, ०१ सप्टेंबर २०१०, ०९:४० (+०५:३०)

जेडी kaleidoscope जेडी ची वाडी

एक कश्ती सागर में अकेली चलती है
जैसे झील के उस पार हवा चलती है
जैसे मन में एक कल्पना बसती है
उसी तरह तुम्हारी धड़कन मेरे दिल में धडकती है
जैसे एक चिंगारी बारूद में जलती है
जैसे एक लौ अँधेरे में उजलती है
जैसे एक निगाह लाखों में उभरती है
उसी तरह तुम्हारी धड़कन मेरे दिल में धडकती है
एक सांस से ...

धड़कन बुधवार, ०१ सप्टेंबर २०१०, ०९:४० (+०५:३०)

जेडी kaleidoscope जेडी ची वाडी

एक कश्ती सागर में अकेली चलती है
जैसे झील के उस पार हवा चलती है
जैसे मन में एक कल्पना बसती है
उसी तरह तुम्हारी धड़कन मेरे दिल में धडकती है
जैसे एक चिंगारी बारूद में जलती है
जैसे एक लौ अँधेरे में उजलती है
जैसे एक निगाह लाखों में उभरती है
उसी तरह तुम्हारी धड़कन मेरे दिल में धडकती है
एक सांस से ...

यूँ अगर होता शुक्रवार, २७ ऑगस्ट २०१०, १०:२४ (+०५:३०)

जेडी kaleidoscope जेडी ची वाडी

यूँ अगर होता के तुम पास होते
तो हम सितारों से ना बाते करते
अगर जिन्दगी में तुम्हारी आँखों के साए रहते
तो हम तपती धुप में यूँ जल ना जाते
अगर हमारे आंसू पोछने तुम्हारे हात ना आते
अश्क हमारे सागर बन ...