देवनागरी
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इश्क

मैकशी मंगळवार, ३१ ऑगस्ट २०१०, ११:५७ (+०५:३०)

जेडी kaleidoscope जेडी ची वाडी

जो मै को भुलादे वो मै क्या है
जो दिल को ना जला दे वो मै क्या है
जो हलक से उतर गयी एक बार
पूछोगे ए यार तुम के तू क्या है
पैमाने से मै को पीनेवाले हजार हुए
मै से महफील सजानेवाले हजार हुए
जो मीना के आँखों से पीकर नहीं होते बेहोश
तो उसने नहीं जाना की ये मै क्या है
जब मै साथ हो तो वक्त बेवक्त नहीं होता
रात का नहीं होता ...

परछाईयां बुधवार, ०२ जून २०१०, १८:५१ (+०५:३०)

आल्हाद alias Alhad आल्हादक प्रतिबिंब!

पिली पिलीसी धूप में
मूंदी मूंदीसी आंखे मेरी
ढूंढ रही… इश्क की परछाईयां

तपते सुरोंसे दिल तडपायें
सांवलेसे गालोंपर थरथराहट
ढूंढ रही… इश्क की परछाईयां

सर्द हवाएं बहें बहें
गर्म फिजाएं सूनीसी
ढूंढ रही… इश्क की ...